Home news RBI ने एक और को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया 3 लाख का जुर्माना, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर | Reserve Bank of India RBI imposed monetary penalty of 3 lakh rupees on The Sutex Co operative Bank Ltd Surat

RBI ने एक और को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया 3 लाख का जुर्माना, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर | Reserve Bank of India RBI imposed monetary penalty of 3 lakh rupees on The Sutex Co operative Bank Ltd Surat

by Vertika

[ad_1]

इससे पहले भी रिजर्व बैंक कई को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है. बीते हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक ने मुंबई के बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक पर नियमों के उल्लघंन को लेकर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था.

रिजर्व बैंक ने सुटेक्स कोऑपरेटिव बैंक पर लगाया 3 लाख का जुर्माना

रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक कोऑपरेटिव बैंक पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इस बैंक का नाम सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड है. रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई 7 सितंबर, 2021 को की है. सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक गुजरात के सूरत में है. इस बैंक पर आरोप है कि इसने रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया. लोन, स्योरिटी और गारंटर को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ जिसे लेकर आरबीआई ने कार्रवाई की है. हालांकि आरबीआई की इस कार्रवाई से ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा. नए ग्राहक नहीं बन पाएंगे लेकिन पुराने ग्राहकों पर असर नहीं होगा.

बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 46(4) (i) के अंतर्गत रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई की है. जांच में देखा गया कि सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक ने रिजर्व बैंक के नियमों की अनदेखी की. यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों को पालन नहीं करने को लेकर की गई है. रिजर्व बैंक ने 31 मार्च, 2018 को सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक की छानबीन की थी और इसमें वित्तीय स्थिति के बारे में भी पता लगाया गया था. रिजर्व बैंक ने सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक की स्थिति जानने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया था. नोटिस में पूछा गया था बैंक बताए कि उस पर क्यों नहीं जुर्माना लगाया जाए. बैंक ने नोटिस का जवाब दिया था जिस पर सोच-विचार करने के बाद आरबीआई ने जुर्माना लगाने का फैसला किया.

पहले भी कार्रवाई कर चुका है RBI

इससे पहले भी रिजर्व बैंक कई को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है. बीते हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक ने मुंबई के बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक पर नियमों के उल्लघंन को लेकर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. आरबीआई ने अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए अकोला जिला में स्थित केंद्रीय सहकारी बैंक लि., अकोला (महाराष्ट्र) पर भी दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया. आरबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘बॉम्बे मर्केंटाइल बैंक पर आरबीआई के (सहकारी बैंक जमा पर ब्याज दर) निर्देश, 2016 में निहित निर्देशों और पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचे (एसएएफ) के तहत निर्देशों का अनुपालन न करने को लेकर यह जुर्माना लगाया गया.’’

सूर्योदय बैंक पर भी लग चुका है जुर्माना

केंद्रीय बैंक ने एक अलग बयान में कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंक की 31 मार्च, 2019 की वित्तीय स्थिति के आधार पर निरीक्षण रिपोर्ट में पाया गया कि बैंक संदिग्ध लेनदेन की प्रभावी पहचान और निगरानी के हिस्से के रूप में अलर्ट के लिए एक मजबूत प्रणाली स्थापित करने में विफल रहा है. इसलिए बैंक पर जुर्माना लगाया गया. रिजर्व बैंक सूर्योदय बैंक पर भी जुर्माना लगा चुका है. आरबीआई ने सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक पर दूसरी बार जुर्माना लगाया है. इससे पहले जुलाई में भी बैंक पर जुर्माना लगाया गया था.

31 मार्च 2018 को बैंक की वित्तीय स्थिति के चलते आरबीआई ने बैंक का सांविधिक निरीक्षण करवाया था, जिसके बाद पता चला कि बैंक द्वारा बैंकिंग अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है. बैंक को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद बैंक के जवाब से असंतुष्ट होकर उसपर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया.

एक्सिस पर भी लगा है जुर्माना

एक और कार्रवाई में रिजर्व बैंक ने प्राइवेट क्षेत्र के बैंक एक्सिस पर जुर्माना लगाया था. आरबीआई ने पिछले बुधवार को कहा कि उसने एक्सिस बैंक लि. पर अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि फरवरी और मार्च, 2020 के दौरान एक्सिस बैंक के एक ग्राहक के खाते की जांच की गई. जांच में यह पाया गया कि बैंक आरबीआई के केवाईसी को लेकर जारी निर्देश, 2016 में प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहा.

RBI के बयान के अनुसार बैंक संबंधित खाते के संबंध में उचित जांच-परख करने में विफल रहा. इससे बैंक यह सुनिश्चित नहीं कर सका कि ग्राहक के खाते में लेन-देन उसके कारोबार और जोखिम प्रोफाइल के अनुरूप हो. आरबीआई ने इस संदर्भ में बैंक को नोटिस दिया. नोटिस के जवाब और मौखिक स्पष्टीकरण पर विचार करने के बाद जुर्माना लगाने का निर्णय किया.

ये भी पढ़ें: दो या इससे अधिक EPF खाते को ऐसे कर सकते हैं मर्ज, UAN की मदद से आसानी से हो जाएगा आपका काम

[ad_2]

You may also like

Leave a Comment