Home news पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाने वालों के लिए बड़ी खबर…KYC को लेकर दी अहम जानकारी | You do not need KYC form if your account is completed says India Post

पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाने वालों के लिए बड़ी खबर…KYC को लेकर दी अहम जानकारी | You do not need KYC form if your account is completed says India Post

by Vertika


केवाईसी एक तरह से कस्टमर को पहचानने की प्रक्रिया होती है जिसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं.

प्रतीकात्मक छवि।

इंडिया पोस्‍ट की तरफ से अपने ग्राहकों को जानकारी दी गई है कि किसी ग्राहक को खाता पूर्ण होने पर फिर से केवाईसी डॉक्‍यूमेंट्स देने की जरूरत नहीं है. इंडिया पोस्‍ट की तरफ से यह जानकारी तब दी गई है जब एक ग्राहक ने इस बाबत एक शिकायत ट्विटर पर दर्ज कराई थी. आपको बता दें कि किसी भी बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए केवाईसी की जरूरत होती है. रिजर्व बैंक की तरफ से इसे अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा म्युचुअल फंड अकाउंट खुलवाने, बैंक लॉकर्स, ऑनलाइन म्युचुअल फंड खरीदने और सोने में निवेश करने के लिए केवाईसी कराना जरूरी होता है.केवाईसी एक तरह से कस्टमर को पहचानने की प्रक्रिया होती है जिसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होते हैं.

केवाईसी के जरिये बैंक को अपने कस्टमर को जानने का मौका मिलता है. यहां जानने का मतलब है कि कस्टमर को वेरीफाई करने में सुविधा होती है. बैंक यह जानना चाहता है कि उसके जरिये होने वाली लेन-देन में कोई गड़बड़ी तो नहीं.

बैंक से कस्टमर को किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधा लेनी है तो केवाईसी के जरिये बैंक अपने ग्राहक को वेरीफाई करता है.केवाईसी से बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास पनपता है और बैंक को लोन आदि देने में कोई हिचक नहीं होती.

इतना ही नहीं, अगर आपको कहीं निवेश करना है तो इसके लिए भी केवाईसी जरूरी है और इसके बिना कस्टमर निवेश नहीं कर सकता.

इसके बगैर बैंक खाता भी खोलना आसान नहीं है. केवाईसी के जरिए यह तय किया जाता है कि कोई बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है.

ग्राहक से मांगे गए थे केवाईसी डॉक्‍यूमेंट

राजस्‍थान के एक ग्राहक ने इंडिया पोस्‍ट को टैग करते हुए बताया था कि उनके जिले के पोस्‍ट मास्‍टर की तरफ से खाता पूरा होने के बाद भी केवाईसी फॉर्म की मांग की गई थी. उन्‍हें बताया गया था कि केवाईसी फॉर्म लगाना अनिवार्य है. इस ग्राहक की तरफ से सभी डॉक्‍यूमेंट्स खाता खोलते समय दिए गए थे. इंडिया पोस्‍ट की तरफ से जवाब में कहा गया है कि अगर किसी ग्राहक को असुविधा हुई है तो इसे लेकर उप-डाकपाल को सख्‍त निर्देश दे दिए गए हैं. साथ ही खाता पूरा होने पर फिर से केवाईसी डॉक्‍यूमेंट्स की मांग की गई हो.

मोबाइल ऐप से भी खोल सकते हैं अकाउंट

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने अपने ग्राहकों को आईपीपीबी मोबाइल एप के जरिए एक डिजिटल अकाउंट खोलने की सुविधा भी देता है. यह अकाउंट तीसरे पक्ष के स्थानान्तरण, आवर्ती जमा खोलने और डाकघर में पीपीएफ या सुकन्या समृद्धि खाते में योगदान करने की अनुमति देता है. आईपीपीबी एप के जरिए डिजिटल बचत खाता खोलने के लिए खाताधारक को 18 साल से ज्‍यादा उम्र का होना चाहिए और साथ ही उसे भारतीय नागरिक होना चाहिए. इसके अलावा उसके पास आधार संख्या, पैन और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए.

डिजिटल बचत खाते को सक्रिय बनाए रखने और इसे एक नियमित बचत खाते में बदलने के लिए, खाताधारक को इसे खोलने के एक साल के अंदर संबंधित डाक घर शाखा में केवाईसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा करना होगा. अगर आप एक आईपीपीबी खाता खोलना चाहते हैं, तो आप आईपीपीबी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.

क्या है इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना डाक विभाग, संचार मंत्रालय के तहत की गई थी, जिसमें भारत सरकार 100% इक्विटी का मालिक था. 650 आईपीपीबी शाखाओं / नियंत्रण कार्यालयों के एक चैनल के माध्यम से जो एक मुख्य मॉडल पर काम करते हैं, आईपीपीबी ने डाकघरों को कवर करते हुए पूरे भारत में अपनी पहुंच बढ़ा दी है. नियमित बचत खाता, डिजिटल बचत खाता और मूल बचत खाता आईपीपीबी द्वारा पेश किए जाने वाले बचत खातों के तीन रूप हैं.

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