Home news 15 साल के लिए 40 लाख का होम लोन लिया है…जानिए 7 साल में कैसे चुकाएं और लाखों रुपये बचाएं | 40 lacs home loan for 15 year tenure know how to prepay in 7 year and save heavy interest

15 साल के लिए 40 लाख का होम लोन लिया है…जानिए 7 साल में कैसे चुकाएं और लाखों रुपये बचाएं | 40 lacs home loan for 15 year tenure know how to prepay in 7 year and save heavy interest

by Vertika


Home loan: 180 महीने या 15 साल के लिए 39000 रुपये की ईएमआई बनेगी. 15 साल का हिसाब जोड़ें तो ब्याज पर आपको 31 लाख रुपये चुकाने होंगे. अब अगर आप इस लोन को 7 साल में चुका देना चाहते हैं तो हर महीने ईएमआई पर 25 हजार रुपये या साल में 3 लाख रुपये बढ़ा दें.

होम लोन की सांकेतिक तस्वीर

मान लीजिए आपने 40 लाख रुपये का लोन लिया है जिसे चुकाने की अवधि 15 साल की है. लेकिन अगर किसी उपाय से लोन की यह राशि 7 साल में ही चुका दी जाए तो कितनी अच्छी बात है. इससे आपके कई लाख रुपये बच जाएंगे और दिमागी सुकून अलग से मिलेगी. यह हमेशा अच्छा होता है कि रेंट के घर के बदले अपना अपना खरीद कर उसका ईएमआई चुकाएं. जितना रेंट देते हैं, उसमें कुछ जोड़कर ईएमआई दे सकते हैं. इसके लिए आपको बेहतरीन फाइनेंशियल प्लानिंग करनी होगी.

मान लीजिए आपने होम लोन के तौर पर 40 लाख रुपये का लोन लिया है. अब इसका ब्याज जोड़ें तो 8.5 परसेंट की दर से यह 31 लाख रुपये का बैठता है. यानी कि 40 लाख के लोन पर 31 लाख ब्याज. इसे किसी भी सूरत में बुद्धिमानी नहीं कह सकते. इसलिए ब्याज दर को घटाने के लिए कोई न कोई उपाय जरूर करना चाहिए.

इस उदाहरण से समझें

यहां जानना जरूरी है कि होम लोन पर ब्याज घटाने के लिए क्या कर सकते हैं. पहला काम तो यह कर सकते हैं कि वैसा बैंक पता कीजिए जो कम ब्याज पर लोन देता हो. इससे कुछ पैसे आराम से बचाए जा सकते हैं. दूसरा उपाय यह है कि लोन लेने से पहले एक प्रीपेमेंट प्लान बनाएं. दिमाग में एक खाका खींच लें कि लोन कैसे चुकाना है, कितनी जल्दी चुकाना है. उसके लिए बजट बनाना होगा या फिजूलखर्ची को रोकना होगा. आपको होम लोन लेने से पहले दो-तीन बैंक से बात करनी चाहिए. सबसे ईएमआई के बारे में पूछना चाहिए. अगर पहले से कोई होम लोन है, तो उस बैंक से दुबारा लोन न लेकर दूसरे से बात करें. कम ब्याज के लिए तैयार करें.

जानिए क्या करना है

इन बातों की जानकारी लेने के बाद आपने 40 लाख रुपये का लोन ले लिया. इस हिसाब से 180 महीने या 15 साल के लिए 39000 रुपये की ईएमआई बनेगी. 15 साल का हिसाब जोड़ें तो ब्याज पर आपको 31 लाख रुपये चुकाने होंगे. अब अगर आप इस लोन को 7 साल में चुका देना चाहते हैं तो हर महीने ईएमआई पर 25 हजार रुपये या साल में 3 लाख रुपये बढ़ा दें. इससे आपका लोन 180 महीने के बदले 84 महीने या 7 साल में चूक जाएगा. ऐसा करते हैं तो आपका ब्याज 31 लाख से घटकर 14 लाख पर आ जाएगा. ऐसे में आप 17 लाख रुपये घटा सकते हैं.

प्री-पेमेंट करें, टेंशन फ्री रहें

यह कदम उठाने के लिए आपको ईएमआई के अलावा मूलधन चुकाते रहना होगा. इसे प्री-पेइंग कहते हैं. यानी कि अवधि से पहले लोन चुकाना. अगर ऐसा करते हैं तो बैंक का कोई नियम आपको नहीं रोकेगा. रीपेमेंट का कोई फिक्स रूल नहीं है. कुछ बैंक मंथली या सालाना स्तर पर रीपेमेंट करने की सुविधा देते हैं. आप अपना बजट देखकर कुछ पैसे बचाते हुए एक निश्चित अवधि में प्रीपेमेंट कर सकते हैं. इससे आपका आउटस्टैंडिंग घट जाएगा. आउटस्टैंडिंग जितना घटेगा, आपका ब्याज उसी दर से घटेगा. यह काम शुरुआत में ही करनी चाहिए ताकि आगे चलकर टेंशन फ्री रहें. यह काम करने के लिए आपको अपने बेवजह के खर्च को रोकना होगा.

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