Home news Fact Check: क्‍या फर्जी पत्रकारों को जेल भेजने की तैयारी में है सरकार? जानिए पूरा मामला | PIB fact check on government preparing for fake journalist for FIR and jail check the details

Fact Check: क्‍या फर्जी पत्रकारों को जेल भेजने की तैयारी में है सरकार? जानिए पूरा मामला | PIB fact check on government preparing for fake journalist for FIR and jail check the details

by Vertika


सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार अब फर्जी पत्रकारों पर एक्‍शन लेते हुए एफआईआर करेगी और जेल भेजेगी. अब इस दावे की पूरी सच्‍चाई जानकारी देने के लिए पीआईबी ने एक ट्वीट किया है.

सांकेतिक तस्‍वीर

आम लोगों में नफरत फैलाने और भीड़ को उकसाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार कई तरह के कदम उठा रही है. बीते कुछ सालों में फर्जी खबरों का बाजार भी गर्म है. अब एक बार फिर सूचना एवं प्रसारण मंत्री के कथित बयान को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है. इस कथ‍ित बयान के आधार पर एक व्‍हॉट्सऐप समेत अन्‍य सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स एक मैसेज शेयर किया जा रहा है. अब सरकारी एजेंसी प्रेस इन्‍फॉर्मेंशन ब्‍यूरो ने इस अफवाह को खंडन किया है. पीआईबी ने गुरुवार को इस बारे में एक ट्वीट भी किया है.

सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर तेजी से फैलाए जा रहे इस मैसेज में हेडिंग लिखा गया है, ‘फर्जी पत्रकारों के खिलाफ होगा एक्‍शन एफआईआर और जेल सूचना प्रसारण राज्‍य मंत्री प्रेसवार्ता.’ इसी मैसेज में आगे कहा गया है कि भारत के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने जाली पत्रकारों पर शिंकजा कसने की तैयार कर ली है. आज दोपहर को हुई प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों से बात करते हुए, सूचना प्रसारण राज्‍य मंत्री कर्नल राजवधर्न सिंह राठौर ने कहा कि देश भरे में….

पीआईबी ने इस मैसेज का स्‍क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री के कथित वक्‍तव्‍य के हवाले से यह दावा किया गया है कि फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही कर उन्‍हें गिरफ्तार किया जाएगा. पीआईबी ने कहा कि यह दावा फर्जी है. पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री कर्नल राजवधर्न सिंह राठौर ने अपने किसी भी वक्‍तव्‍य में यह दावा नहीं किया है.

आपको बता दें कि राजवर्धन सिंह राठौर को मई 2018 से मई 2019 के लिए केंद्रीय केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री बनाया गया था. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्‍हें किसी मंत्रालय की जिम्‍मेदारी नहीं सौंपी गई है. राठौर ने 2014 के लोकसभाव में चुनाव में जयपुर ग्रामीण सीट से लालचंद कटारिया को हराकर चुनाव जीता था. वे तब से सांसद हैं. ऐसे में सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर किया उनके हवाले से किया गया यह दावा पूरी तरह से गलत है.

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