Home news Income Tax: 2 साल से नहीं भरा रिटर्न और इतना बनता है टैक्स डिडक्शन तो कटेगा ज्यादा TDS, जानें- क्या है नई व्यवस्था | TDS New rules latest News Not filing Income Tax Return from two years Be ready to pay higher TDS from Next Month

Income Tax: 2 साल से नहीं भरा रिटर्न और इतना बनता है टैक्स डिडक्शन तो कटेगा ज्यादा TDS, जानें- क्या है नई व्यवस्था | TDS New rules latest News Not filing Income Tax Return from two years Be ready to pay higher TDS from Next Month

by Vertika


आयकर विभाग ने 2021- 22 की शुरुआत में ऐसे लोगों की सूची तैयार कर ली है. यह सूची तैयार करते समय 2018- 19 और 2019- 20 को पिछले दो संबंधित वर्षों पर गौर किया गया है.

आयकर रिटर्न: (स्रोत: फ्रीपिक)

Income Tax Return: टीडीएस (TDS) के नियमों में होने वाले बदलाव 1 जुलाई से लागू होने जा रहे हैं. Income Tax के नियमों के मुताबिक अगर आपने इस महीने के आखिर यानी 30 जून तक रिटर्न नहीं भरा तो 1 जुलाई के बाद आपको ज्यादा TDS चुकाना पड़ेगा. खासकर वे टैक्सपेयर्स, जिन्होंने पिछले 2 सालों से रिटर्न फाइल नहीं किया है और पिछले दोनों साल टीडीएस (TDS) या टीसीएस (TCS) 50,000 रुपये से अधिक था, ऐसे मामलों में इस साल से 1 जुलाई 2021 से TDS मौजूदा दर का दोगुना या 5 फीसदी, जो भी अधिक होगा काटा जाएगा.

जी हां! पिछले दो वित्त वर्षों में रिटर्न नहीं भरने वाले उन लोगों के मामले में स्रोत पर कर कटौती और स्रोत पर टैक्स अधिक दर से लिया जाएगा, जिन पर दो वर्षों में प्रत्येक में 50,000 रुपये या उससे अधिक कर कटौती बनती है. इसका प्रावधान वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में ही किया जा चुका है.

बनाई गई है नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत टीडीएस काटने वाले और टीसीएस संग्रह करने वालों को केवल वित्त वर्ष की शुरूआत में संबंधित इकाई के पैन को तैयार की गई नई सुविधा पर जांच करनी होगी. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने रिटर्न नहीं भरने वाले ऐसे लोगों के मामले में ज्यादा दर से कर कटौती/संग्रह को लेकर धारा 206एबी अैर 206सीसीए के क्रियान्वयन को लेकर परिपत्र जारी किया है.

नई व्यवस्था पर CBDT ने क्या कहा?

सीबीडीटी ने मंगलवार को कहा कि इन दोनों प्रावधानों को लागू करने के लिए टीडीएस काटने या टीसीएस संग्रह करने वालों के लिए खुद को संतुष्ट होने को लेकर इस बारे में अतिरिक्‍त जांच-परख करना आवश्यक था कि भुगतान प्राप्तकर्ता या संग्रह प्राप्‍तकर्ता एक ‘निर्दिष्ट व्यक्ति’ है या नहीं. इसके परिणाम स्वरूप इस तरह के टैक्स कटौतीकर्ता या संग्रहकर्ता पर अनुपालन का अतिरिक्त बोझ पड़ता था.

विभाग के अनुसार, ‘‘इस अनुपालन बोझ को कम करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक नई सुविधा धारा 206एबी और 206सीसीए के लिए अनुपालन जांच शुरू की है. यह सुविधा पहले से ही आयकर विभाग के रिपोर्टिंग पोर्टल (https://report.insight.gov.in) के माध्यम से दी जा रही है.’’

टीडीएस काटने वाला या टीसीएस प्राप्त करने वाला पोर्टल पर संबंधित इकाई एक पैन (पैन सर्च) या एक से अधिक पैन (बल्क सर्च) को डाल सकता है और यदि यह भुगतान प्राप्तकर्ता या संग्रह प्राप्‍तकर्ता एक ‘निर्दिष्ट व्यक्ति है’, तो वह इस सुविधा के माध्‍यम से संबंधित प्रतिक्रिया या जवाब प्राप्त कर सकता है.

रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों की लिस्ट तैयार

आयकर विभाग ने 2021- 22 की शुरुआत में ऐसे लोगों की सूची तैयार कर ली है. यह सूची तैयार करते समय 2018- 19 और 2019- 20 को पिछले दो संबंधित वर्षों पर गौर किया गया है. इस सूची में उन करदाताओं के नाम हैं जिन्होंने आकलन वर्ष 2019- 20 और 2020- 21 के लिये रिटर्न दाखिल नहीं की है और इन दोनों वर्ष में प्रत्येक में उनका कुल टीडीएस और टीसीएस 50,000 रुपये अथवा इससे अधिक रहा है.

इन पर लागू नहीं होंगे नए प्रावधान

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 206 AB के तहत प्रावधान लागू किए गए हैं. लेकिन ये नियम सेक्शन 192 के तहत सैलरी, 192A के तहत कर्मचारियों के बकाए के भुगतान, 194B के तहत लॉटरी, घोड़े की रेस में जीती गई रकम, क्रॉस वर्ड में जीती गई रकम, 194LBC के तहत सिक्योरिटाइजेशन ट्रस्ट में निवेश से हुई आय और कैश निकालने पर लागू नहीं होगा.

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