Home news Income Tax रिफंड पर सबको नहीं मिलता ब्याज, आपका नाम शामिल है या नहीं, ऐसे करें चेक | Interest on income tax refund know when and how much interest can avail Check your Income Tax Refund Status Online

Income Tax रिफंड पर सबको नहीं मिलता ब्याज, आपका नाम शामिल है या नहीं, ऐसे करें चेक | Interest on income tax refund know when and how much interest can avail Check your Income Tax Refund Status Online

by Vertika


किसी करदाता को 5,48,000 रुपये टैक्स चुकाना है और उसका टीडीएस 5,98,000 रुपये कट गया है, तो आईटीआर फाइल कर 50 हजार रुपये का क्लेम किया जा सकता है. हालांकि इस केस में करदाता को रिफंड पर ब्याज नहीं मिलेगा क्योंकि उसका रिफंड टैक्स अमाउंट से 10 परसेंट कम है.

इनकम टैक्स रिफंड पर ब्याज मिलेगा या नहीं, ऐसे करें चेक (सांकेतिक तस्वीर)

कई लोग इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return) भर रहे हैं और जिन लोगों ने रिटर्न भर दिया है, वे रिफंड का इंतजार कर रहे हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने रिफंड पर ब्याज पाने के लिए टकटकी लगाए हुए हैं. इन लोगों को लगता है कि रिफंड पर ब्याज मिलेगा और उससे कुछ मद में खर्च चल जाएगा. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो टैक्स रिफंड पर ब्याज चाहते हैं लेकिन मिला नहीं है तो परेशान न हों. पहले पता करें कि आप रिफंड पर ब्याज पाने के हकदार हैं या नहीं. नियम के मुताबिक हर टैक्सपेयर को रिफंड पर ब्याज नहीं मिलता.

आइए जानते हैं कि किन्हें टैक्स रिफंड पर ब्याज मिलता है. जिन लोगों ने टीडीएस से, टीसीएस से, एडवांस टैक्स से या सेल्फ एसेसमें टेस्ट से टैक्स चुकाया है और टैक्स चुकाने की राशि उनकी टैक्स देनदारी से ज्यादा है, तभी रिफंड पर ब्याज मिलेगा. यानी कि मान लीजिए 80 हजार रुपये का टैक्स बनता है लेकिन किसी ने 1 लाख रुपये चुका दिए, तो उसे रिफंड पर ब्याज मिलेगा. हालांकि रिफंड पर ब्याज लेने के लिए कुछ खास नियम है और एक समयावधि के भीतर ही आईटीआर फाइल करनी होती है.

किसे मिलता है रिफंड पर ब्याज

टैक्स डिपार्टमेंट आईटीआर की प्रोसेसिंग करने के बाद ही रिफंड जारी करता है. दिल्ली के सीए तरुण कुमार कहते हैं कि टैक्स की देनदारी (जितने रुपये टैक्स चुकाना है) से अगर रिफंड 10 परसेंट कम है तो उस पर ब्याज नहीं मिलेगा. मान लीजिए किसी करदाता को 5,48,000 रुपये का टैक्स चुकाना है और उसका टीडीएस 5,98,000 रुपये कट गया है, तो आईटीआर फाइल कर 50 हजार रुपये का क्लेम किया जा सकता है. हालांकि इस केस में करदाता को रिफंड पर ब्याज नहीं मिलेगा क्योंकि उसका रिफंड टैक्स अमाउंट से 10 परसेंट कम है. करदाता को रिफंड पर टैक्स तब मिलता जब टैक्स अमाउंट (5,48,000) का 10 परसेंट यानी कि लगभग 54,000 रुपये का रिफंड होता.

कितना मिलता है ब्याज

अगर रिफंड टैक्स की लिमिट से पार होता है, तो उस पर ब्याज दिया जाता है. अगर रिफंड टीडीएस, टीसीएस या एडवांस टैक्स के तहत आता है तो हर महीने 0.5 परसेंट के हिसाब से ब्याज जुड़ता है. हर साल अप्रैल में ब्याज दर की गणना शुरू होती है. अगर कोई करदाता आईटीआर निर्धारित तारीख से पहले या उस दिन तक भर देता है, तो उस वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने से ब्याज जोड़ा जाता है और उस तारीख तक दिया जाता है जब रिफंड जारी किया गया हो. अगर निर्धारित तारीख के बाद आईटीआर फाइल की गई है तो फाइल होने की तारीख से रिफंड जारी करने की तारीख तक ही ब्याज मिलता है.

रिफंड कैसे करें चेक

इसी के साथ यह भी चेक कर लें कि आईटीआर भरने के बाद भी क्यों अब तक रिफंड नहीं मिला. साधारण नियम है कि अगर आपने रिटर्न भरा है तो रिफंड भी आएगा ही. रिफंड के बारे में जानने के लिए आपको इनकम टैक्स इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाना होगा. यहां आपको my account-my returns/forms सेक्शन में जाना होगा. यहां हो सकता है कि आपको यह लिखा मिले कि आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है लेकिन इनक टैक्स डिपार्टमेंट अभी नो रिफंड की स्थिति में है.

यह भी लिखा हो सकता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड के लिए तैयार है, लेकिन आप तक चेक या ईसीएस क्रेडिट नहीं पहुंच पा रहा है. इसकी वजह यह हो सकती है कि आपने जो पता दिया है, वह गलत हो या उस पते पर चेक या ईसीएस कोई नहीं ले रहा हो. हो सकता है पते वाला घर बंद हो. हो सकता है कि ईसीएस क्रेडिट के लिए जो अकाउंट नंबर दिया गया है, वह गलत हो. ऐसी स्थिति में रिफंड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को वापस मिल जाता है.

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