Friday, September 24, 2021
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उड़ान भरने को तैयार Jet Airways! जून 2022 से शुरू हो सकती है यात्रियों के लिए सेवा, जानिए क्यों बंद हो गई थी सर्विस | Jet Airways to resume domestic flights early 2022 starts hiring process know the Details

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कर्ज के बोझ से दबी जेट एयरवेज 2019 में बंद हो गई थी. इसे फिर से ऑपरेट करने के लिए कार्लरॉक कैपिटल और मुरारी लाल जालान की कंसोर्टियम ने पिछले साल बोली जीती थी. इसके बाद नेशनल कंपनील लॉ ट्रिब्युनल (NCLT) ने इसे मंजूरी दे दी.

जेट एयरवेज (फाइल फोटो)

दो साल से अधिक समय से बंद जेट एयरवेज (Jet Airways) एक बार फिर से उड़ान भरने की तैयारी में है. अगले साल यानी 2022 की पहली तिमाही में जेट घरेलू परिचालन को फिर से शुरू करने जा रही है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जेट एयर के नए मैनेजमेंट जालान कारलॉक कंसोर्शियम ने परिचालन शुरू करने की उम्मीद जताई थी. एयरलाइन ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की भी योजना बनाई है. कैप्टन सुधीर गौर जेट एयरवेज के एक्टिंग CEO होंगे.जालान कलरॉक के प्रमुख सदस्य और जेट एयरवेज के प्रस्तावित गैर-कार्यकारी अध्यक्ष मुरारी लाल जालान ने कहा, “जेट एयरवेज 2.0 का लक्ष्य Q1-2022 तक घरेलू परिचालन को फिर से शुरू करना है और 2022 की तीसरी और चौथी तिमाही तक अंतरराष्ट्रीय परिचालन को शुरू करने की योजना है.

अब क्या है प्लान

एक आधिकारिक बयान में, कंसोर्टियम ने कहा कि ग्राउंडेड कैरियर को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया मौजूदा एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) के साथ पहले से ही कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया जारी है.

रिपोर्ट के अनुसार, कंसोर्टियम स्लॉट आवंटन, आवश्यक हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और नाइट की पार्किंग पर संबंधित अधिकारियों और हवाईअड्डा समन्वयकों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

जालान ने कहा कि एयरलाइन के पास 3 साल में 50 से ज्यादा और 5 साल में 100 से ज्यादा विमानों का बेड़ा होगा. जालान ने कहा, “विमान का चयन प्रतिस्पर्धी लीजिंग समाधानों के आधार पर किया जा रहा है.

वित्तीय संकट के कारण 17 अप्रैल, 2019 को एयरलाइन का परिचालन ठप हो गया था. एयरलाइन दो साल से अधिक समय से इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एक समाधान प्रक्रिया से गुजर रही थी.

जेट एयरवेज के शेयर में आई जोरदार तेजी

शेयर 1 हफ्ता 1 महीना 3 महीने 1 साल 3 साल
जेट एयरवेज 1% 6% -30% २१०% -70%

कब से शुरू होंगी उड़ान

जेट एयरवेज 2.0 का लक्ष्य 2022 में अप्रैल से जून के बीच उड़ान शुरू करने का है. हालांकि, उस समय केवल डोमेस्टिक ऑपरेशन ही शुरू होगा.

उसके बाद अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन तीसरी या चौथी तिमाही तक शुरू किया जाएगा. अगले 3 साल में 50 एयरक्राफ्ट के साथ ऑपरेशन चलाने की है. जबकि 5 साल में 100 एयरक्राफ्ट तक ले जाने की योजना है.

उन्होंने कहा कि 3 और पांच साल वाली योजना बहुत ही परफेक्ट योजना है. यह बिजनेस की कम और लंबे समय की योजना है.

एयरक्राफ्ट को लंबे समय के लीज के आधार पर चुना गया है. उन्होंने कहा कि यह एविएशन इतिहास में पहली बार हो रहा है कि कोई कंपनी 2 साल तक जमीन पर रहे और फिर से वह उड़ान भरे. हम इस ऐतिहासिक पार्ट का हिस्सा बन रहे हैं.

कर्मचारियों का क्या होगा?

जेट एयरवेज ने पहले ही 150 से ज्यादा कर्मचारियों की नियुक्ति की है. अगले साल मार्च तक कंपनी एक हजार कर्मचारियों की नियुक्ति करेगी. नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से होंगी। इसकी पहली फ्लाइट नई दिल्ली से मुंबई के बीच चलेगी.

जेट के पास 700 मार्गों पर 180 विमानों का बेड़ा था. जबकि 3,200 कर्मचारी थे. इनमें 240 पायलट, 110 इंजीनियर और 650 चालक दल के सदस्य थे.

कंसोर्टियम ने 30 विमानों के साथ जेट एयरवेज को पूरी तरह से सर्विस एयरलाइंस के तौर पर पुन: स्थापित करने की योजना दी है. नेशनल कंपनीज लॉ ट्रिब्यूनल ने बंद पड़ी जेट एयरवेज को 90 दिन में उड़ान का स्लॉट देने का निर्देश दिया है.

अब तक क्या हुआ….

पंजाब के संगरूर में जन्मे नरेश गायेल ने ने अपनी मां से कुछ पैसे उधार लिए और अपनी बचत भी निवेश कर खुद की ट्रैवल एजेंसी खोल ली. उन्होंने अपनी ट्रैवल एजेंसी का नाम जेट एयरवेज रखा.

शायद उनके दिमाग में उसी समय कुछ बड़ा चलने लगा था. 1993 आते आते वह दौर भी आ गया जब नरेश गोयल ने 2 विमानों के साथ जेट एयरवेज लॉन्च कर दिया.

मार्च 2005 में जेट एयरवेज की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई. कंपनी के 20 फीसदी शेयर बेचे और 1100 का शेयर 1155 रुपये में लिस्ट हुआ.

यहीं से गोयल की किस्मत ने उड़ान भरी. गोयल ने आईपीओ से 8000 करोड़ रुपये जुटाए. कंपनी की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी एयर इंडिया से ज्यादा हो गई.

जेट एयरवेज के लिए मुसीबत तब शुरू हुई जब इंडिगो और स्पाइस जेट ने लो कास्ट आॅफर देना शुरू किया. जेट एयरवेज की हिस्सेदारी धीरे धीरे घटने लगी और कंपनी पर कर्ज बढ़ने लगा.

2006 में कंपनी ने एयर सहारा को करीब 2250 करोड़ रुपये में खरीदा. माना जाता है कि यह फैसला भी सही साबित नहीं हुआ.

गोयल की जिद भी कहीं न कहीं जेट की इस हालत के लिए जिम्मेदार मानी जाती है. गोयल किसी भी तरह से कंपनी से अपना कंट्रोल कम करने को तैयार नहीं थे.

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एतिहाद एयरवेज शुरू में जेट एयरवेज में निवेश बढ़ाने को तैयार थी, लेकिन गोयल कंपनी के चेयरमैन पद से हटने को लेकर मना कर दिया. वह अपनी हिस्सेदारी घटाने को तैयार नहीं थे. ऐसे में वो पैसा नहीं जुटा पाए और कंपनी बंद हो गई है.

इसके बाद जेट एयरवेज के लिए रिवाइवल प्लान को NCLT की ओर से मंजूरी मिली. आने वाले महीने में जेट के सभी कर्जदारों का पैसा भी चुकाया जाएगा.

जेट एयरवेज पिछले 20 साल में एक मजबूत ब्रांड बनकर उभरा है. नए अवतार में जेट एयरवेज का मुख्यालय अब मुंबई की बजाय दिल्ली होगा.

इसका कॉर्पोरेट ऑफिस गुरुग्राम में होगा जहां से इसके सीनियर मैनेजमेंट काम देखेंगे. हालांकि मुंबई में इसकी मौजूदगी मजबूत बनी रहेगी. मुंबई के कुर्ला इलाके में इसकी ग्लोबल वन ऑफिस होगी.

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Vertika
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