Home news इतिहास के सबसे बड़े बदलाव की तरफ ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री बोर्ड, जानिए इसके बारे में सबकुछ | Ordnance Factory Board to split into 7 entities and for corporatisation

इतिहास के सबसे बड़े बदलाव की तरफ ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री बोर्ड, जानिए इसके बारे में सबकुछ | Ordnance Factory Board to split into 7 entities and for corporatisation

by Vertika


पिछले कई वर्षों से देश के इस अहम रक्षा मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में बदलाव की कई कोशिशों का इंतजार किया जा रहा था. ओएफबी 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को नियंत्रित करता है. अब सरकार के फैसले के बाद यह सरकारी नियंत्रण वाली 7 इकाईयों में बंट जाएगा.

ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री बोर्ड में पिछले कई वर्षों से बदलाव की कोशिशें जारी थीं.

सेनाओं के लिए हथियार और गोला बारूद बनाने वाली ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने वाला है. केंद्र सरकार की तरफ से ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री बोर्ड (OFB) का कॉरपोरेटाइजेशन करने वाले फैसले को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली कैबिनेट की तरफ से ओएफबी में बड़े बदलाव वाले फैसले को सहमति मिली है. ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री हथियार और मिलिट्री उपकरण तैयार करने वाली भारत की अहम उत्‍पादक है.

41 फैक्ट्रियां बटेंगी 7 यूनिट्स में

जो फैसला लिया गया है उसका मकसद ऑर्डनेंस फैक्‍ट्री की क्षमता और इसकी प्रतिद्वंदिता को बढ़ाना है. पिछले कई वर्षों से देश के इस अहम रक्षा मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में बदलाव की कई कोशिशों का इंतजार किया जा रहा था. ओएफबी 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को नियंत्रित करता है. अब सरकार के फैसले के बाद यह सरकारी नियंत्रण वाली 7 इकाईयों में बंट जाएगा.

ये सभी सातों इकाईयां गोला बारूद के अलावा गाड़‍ियां, हथियार और उपकरण, जवानों को आराम पहुंचाने वाले आइटम, ऑप्‍टो-इलेक्‍ट्रॉनिक गीयर, पैराशूट्स और ऐसे उत्‍पाद तैयार करेंगी. ऑर्डनेंस फैक्ट्रियां इस समय टैंक्‍स, बख्‍तरबंद वाहन, माइन प्रोटेक्‍टेड व्‍हीकल्‍स, बम, रॉकेट, आर्टिलरी गन, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, पैराशूट, स्‍माल ऑर्म्‍स, क्‍लोदिंग और सैनिकों के लिए लेदर उपकरण तैयार करने में लगी हैं.

आत्‍मनिर्भरता की तरफ बड़ा कदम

सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि फैक्ट्रियों का पुर्नगठन इन्‍हें उत्‍पादक और फायदेमंद संपत्तियों में बदलने में मदद करेगा. इसके साथ ही क्‍वालिटी में सुधार होगा और जवाबदेही भी बढ़ेगी. सूत्रों की तरफ से इसे रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता की तरफ उठाया गया एक बड़ा कदम करार दिया गया है. सरकार को उम्‍मीद है कि सात नई इकाईयां जिन्‍हें पूरी तरह से प्रोफेशनल तौर पर मैनेज किया जाएगा, अगले एक साल के अंदर तैयार हो जाएंगी. इससे न सिर्फ घरेलू स्‍तर पर इनका बाजार सुधरेगा और साथ ही निर्यात के नए मौके पैदा होंगे.

कई वर्षों से जारी थी कोशिशें

पिछले दो दशकों में कई हाई लेवल कमेटियों का गठन किया गया. इन तमाम कमेटियों ने ओएफबी की कार्यप्रणाली में सुधार करने की जरूरत पर बल दिया. साथ ही इसकी फैक्ट्रियों को देश की रक्षा तैयारियों में आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए कहा गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से ओएफबी को कॉरपोरेट स्‍वरूप देने के फैसले को एतिहासिक करार दिया गया है. साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा है कि यह फैसला राष्‍ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से काफी महत्‍वपूर्ण है.

70,000 लोग थे फैसले के खिलाफ

ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को बार्ड की तरफ से नियंत्रित किया जाता है. सूत्रों के मुताबिक कम से कम 70,000 लोग ऐसे हैं जो इसे कॉरपोरेट स्‍वरूप देने के सख्‍त खिलाफ हैं. ओएफबी की सैन्‍य असैन्य कर्मियों वाली तीन फेडरेशंस की तरफ से पिछले वर्ष अगस्‍त में सरकार के फैसले के खिलाफ हड़ताल का ऐलान किया गया था. मगर एक मीटिंग के बाद उन्‍होंने इस फैसले को वापस ले लिया था. राजनाथ सिंह की तरफ से कहा गया था कि ओएफबी कर्मियों की सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा. साथ ही सरकार उनके हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

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