Thursday, October 14, 2021
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PPF, EPF और बैंकों में ‘बेकार’ पड़े हैं करोड़ों रुपये, जानिए कैसे निकाल सकते हैं अपना पैसा | Unclaimed money deposited in ppf epf bank and insurance fund know how to get it

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इंश्योरेंस का पैसा अगर 10 साल तक नहीं लिया जाता है तो वह सीनियर सिटीजन फंड में चला जाता है. फंड में पैसा ट्रांसफर होने के 25 साल के अंदर जमाकर्ता अपना पैसा निकाल सकता है. अगर 25 साल तक पैसा नहीं लिया जाता है तो फंड में जमा राशि भारत सरकार को सौंप दी जाती है.

इंश्योरेंस का पैसा अगर 10 साल तक नहीं लिया जाता है तो वह सीनियर सिटीजन फंड में चला जाता है.

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, पीपीएफ, ईपीएफ, पोस्ट ऑफिस और इंश्योरेंस कंपनियों के अकाउंट में करोड़ो रुपये ऐसे पड़े हैं जिसका कोई दावा करने वाला नहीं है. ऐसा तब होता है जब कोई अकाउंट शुरू करने के बाद उसे भूल जाता है. शुरू में कुछ पैसे जमा करने के बाद अकाउंट बंद कर देता है. कुछ पैसा जमा करने के बाद लगता है कि रिटर्न पर फायदा नहीं मिलने वाला लोग उस खाते को यूं ही छोड़ देते हैं. कभी ऐसा भी होता है कि वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं होती कि आगे जमा खाते को चला पाएं. ऐसी स्थिति में लोगों के पैसे उस खाते में जमा रह जाते हैं. लोग निकालना भूल जाते हैं. इस तरह अलग-अलग संस्थानों में लोगों के करोड़ों रुपये बिना किसी दावे के पड़े हैं.

लोग अपना पैसा निकालना भले भूल जाएं या छोड़ दें, लेकिन संस्थानों के पास पूरी रकम जमा रहती है. अगर आप चाहें तो पाई-पाई का पैसा प्राप्त कर सकते हैं. लेकिन यह जानना होगा कि आप जिस पैसे को भूल गए हैं, वह किस फंड में जमा हो गया है. जिस पैसे को एक खास अवधि तक क्लेम नहीं करते, वह एक खास फंड में जमा हो जाता है या उसमें ट्रांसफर हो जाता है. बाद में आपको पैसा उसी फंड से निकालना होगा न कि इसके लिए बैंक में, पीपीएफ या ईपीएफ में जाना होगा.

उदाहरण के लिए, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में जो पैसा छूट जाता है या बिना दावे के हो जाता है, उसे सरकार डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में ट्रांसफर कर देती है. आपका पैसा उस फंड में जमा हो जाता है. इसी तरह, बिना दावे के इंश्योरेंस, पीपीएफ और ईपीएफ का पैसा सीनियर सिटीजनंस वेलफेयर फंड (SCWF) में जमा हो जाता है. बिना दावा वाले म्यूचुअल फंड और स्टॉक का पैसा इनवेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में ट्रांसफर हो जाता है. अब आप इस हिसाब से जान लें कि आपका पैसा कहां जमा है, फिर उसी हिसाब से पैसे का क्लेम कर सकते हैं.

डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड या DEAF

इस फंड में बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट का पैसा जमा होता है, जो पैसा 10 साल तक नहीं निकाला जाता है. 2014 में इस फंड को बनाया गया था. अगर कोई बैंक खाता लगातार 10 साल तक ऑपरेट नहीं किया जाता है तो उसमें बिना दावे का पैसा डीईएएफ में जमा कर दिया जाता है. 10 साल की मियाद पूरी होने के बाद 3 महीने के अंदर बिना क्लेम वाला पैसा इस फंड में ट्रांसफर हो जाता है. अगर किसी जमाकर्ता को लगता है कि उसे अपना पैसा लेना है तो 10 साल बाद भी इस फंड से निकाल सकता है. जमाकर्ता को पैसा वही बैंक लौटाएगा जिसमें खाता चल रहा था, लेकिन बैंक को डीईएएफ से पैसा रिफंड कराना होता है.

सीनियर सिटीजंस वेलफेयर फंड या SCWF

पीपीएफ, पोस्ट ऑफिस सेविंक अकाउंट्स, ईपीएफ, आरडी और इसी तरह के अन्य खातों का बिना क्लेम वाला पैसा एससीडब्ल्यू फंड में जमा होता है. इस फंड की स्थापना 2015 में की गई थी. इस फंड का इस्तेमाल सीनियर सिटीजन से जुड़े बैंकिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम पर खर्च किया जाता है. अमूमन इस फंड में पैसा ट्रांसफर करने से पहले पीपीएफ, ईपीएफ, आरडी चलाने वाली संस्थाएं ग्राहकों से संपर्क करती हैं और पैसे लेने के लिए कहती हैं. अगर पैसा नहीं लिया जाता है तो इस फंड में उसे ट्रांसफर कर दिया जाता है. ऐसा तब होता है जब जमाकर्ता ने संपर्क नहीं किया, उसके घर का पता बदल गया और बिना नॉमिनी तय किए उसकी मृत्यु हो गई.

इंश्योरेंस का पैसा अगर 10 साल तक नहीं लिया जाता है तो वह सीनियर सिटीजन फंड में चला जाता है. फंड में पैसा ट्रांसफर होने के 25 साल के अंदर जमाकर्ता अपना पैसा निकाल सकता है. अगर 25 साल तक पैसा नहीं लिया जाता है तो फंड में जमा राशि भारत सरकार को सौंप दी जाती है.

इनवेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड या IEPF

इस फंड में बिना क्लेम वाला वह पैसा जमा होता है जो म्यूचुअल फंड और स्टॉक से जुड़ा होता है. बहुत साल तक म्यूचुअल फंड और स्टॉक का पैसा न लिया जाए तो उसे बाद में आईईपीएफ में जमा करा दिया जाता है. 7 साल तक म्यूचुअल फंड का पैसा और डिविडेंड अगर जमाकर्ता नहीं लेता है, तो उसे आईईपीएफ फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है. इसके बारे में जानकारी लेनी हो तो इसकी वेबसाइट iepf.gov.in पर विजिट कर सकते हैं. वेबसाइट पर जाकर जमाकर्ता अपने अनक्लेम्ड डिपॉजिट के बारे में जानकारी ले सकते हैं और उसे पाने का तरीका जान सकते हैं.

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Vertika
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