Thursday, October 14, 2021
Home > news > क्रिप्टोकरंसी में पैसा लगाया है तो जानिए कितना देना होगा टैक्स, नहीं चुकाने पर क्या होगा | How much income tax should paid on cryptocurrency like bitcoin Ethereum income
news

क्रिप्टोकरंसी में पैसा लगाया है तो जानिए कितना देना होगा टैक्स, नहीं चुकाने पर क्या होगा | How much income tax should paid on cryptocurrency like bitcoin Ethereum income

Bitcoin33 2

[ad_1]

भारत में क्रिप्टोकरंसी वैध नहीं है, इसका मतलब यह नहीं हुआ कि इसका ट्रांजेक्शन अवैध है. इसलिए इनकम टैक्स फाइल करते वक्त उसमें क्रिप्टोकरंसी का जिक्र जरूर करें. इनकम टैक्स फाइल करते वक्त यह बताएं कि क्रिप्टो से होने वाली कमाई बिजनेस है या किसी एसेट क्लास बिजनेस में आती है.

बिटक्वॉइन की कीमत इस समय 36000 डॉलर के करीब है.

बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी में लोग खूब पैसा लगा रहे हैं. हाल के दिनों में बिटकॉइन के दाम भले गिरे हों, लेकिन शुरुआती दौर से देखें तो एक क्रिप्टोकरंसी कहां से कहां पहुंच गई है. कुछ रुपये में खरीदी गई क्रिप्टोकरंसी आज लाखों में है. बिटकॉइन, इथीरियम या डोजकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी को बेच-खरीद कर लोग अच्छा पैसा बना रहे हैं. जब यह कमाई का साधन है और इससे मुनाफा कमा रहे हैं, तो टैक्स भी चुकाना होगा. अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स का नोटिस भी आ सकता है.

टैक्स से पहले यह जान लेते हैं कि क्रिप्टोकरंसी से जुड़े नियम क्या हैं. जैसा कि आपको पता है, शुरू में रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरंसी की ट्रेडिंग को अवैध बताया था. ऐसे में सवाल उठा कि जो चीज अवैध है, उस पर टैक्स कैसे. लेकिन बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट में गया और देश की सर्वोच्च अदालत ने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी की ट्रेडिंग पर से रोक हटा ली. अभी हाल में रिजर्व बैंक की बातों से भी लगा कि भविष्य में उसका रुख नरम हो सकता है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है और जबतक सरकार की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती है, तब तक दुविधा वाली स्थिति रहेगी. लेकिन अभी यह मान कर चलें कि जब तक आदेश जारी न हो, तब तक किसी भी क्रिप्टोकरंसी की ट्रेडिंग अवैध नहीं है बल्कि वैध है. इस सूरत में बिटकॉइन आदि पर होने वाली कमाई पर टैक्स चुकाना होगा.

टैक्स देना है या नहीं, कैसे तय करें

क्रिप्टोकरंसी से होने वाली कमाई पर कितना टैक्स देना होगा, अभी इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं है. इनकम टैक्स विभाग ने अब तक कोई निर्देश जारी नहीं किया है कि कमाई के लिहाज से टैक्स चुकाना होगा या नहीं. अगर टैक्स चुकाना है तो उसकी क्या मात्रा होगी. इसका अर्थ यह नहीं होता कि बिटकॉइन रखने वाले लोग आजाद हैं और वे कमाई करते रहें और टैक्स नहीं चुकाना होगा. टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि भारत में कोई भी इनकम का जरिया टैक्स के दायरे में आता है, भले ही वह क्रिप्टोकरंसी क्यों न हो. क्रिप्टोकरंसी की खरीद-बिक्री भी एक तरह का निवेश है, इसलिए टैक्स की देनदारी इस पर भी बनेगी.

कितना देना होगा टैक्स

टैक्स कितना चुकाना चाहिए, इसके लिए बिटकॉइन रखने वाले लोगों को टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए. निवेश किस तरह का है, यह जानकर टैक्स चुका सकते हैं. टैक्स इस बात पर निर्भर करेगा कि क्रिप्टोकरंसी किसी करंसी के रूप में ली गई है या एसेट के रूप में. क्रिप्टोकरंसी बेचने पर अगर कमाई हो रही है तो इसमें बिजनेस इनकम के तौर पर टैक्स की देनदारी बनेगी. बिटकॉइन की ट्रेडिंग धड़ल्ले से करते हैं तो बिजनेस इनकम मानकर टैक्स चुकाना होगा. अगर उसे निवेश के तौर पर लेते हैं और रोक कर रखते हैं तो कैपिटल गेन के हिसाब से टैक्स देना होगा. जानकार बताते हैं कि जब तक टैक्स विभाग की तरफ से कोई निर्देश नहीं आता, तब तक क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने वाले लोगों को 30 परसेंट के हिसाब से टैक्स चुकाना चाहिए.

क्या है ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्स’

बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरंसी से होने वाली कमाई को स्पेक्युलेटिव इनकम मान सकते हैं या ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्स’ कह सकते हैं. इस लिहाज से क्रिप्टो में पैसा लगाने वाले लोग खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, उन्हें लगता है कि आयकर विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ करना चाहिए तो उनके लिए 30 परसेंट का टैक्स चुकाना सही विकल्प होगा. यह ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्स’ के तहत माना जाएगा. अगर कोई व्यक्ति क्रिप्टोकरंसी में निवेश को 3 साल के अंदर भुना लेता है, तो यह शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन में आएगा और इस पर इसी हिसाब से टैक्स चुकाना चाहिए. अगर 3 साल के बाद क्रिप्टोकरंसी को बेचकर मुनाफा कमाया जाता है तो यह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में आएगा और इस पर 20 परसेंट का टैक्स लग सकता है.

टैक्स चुकाएं और निश्चिंत रहें

भारत में क्रिप्टोकरंसी वैध नहीं है, इसका मतलब यह नहीं हुआ कि इसका ट्रांजेक्शन अवैध है. इसलिए इनकम टैक्स फाइल करते वक्त उसमें क्रिप्टोकरंसी का जिक्र जरूर करें. इनकम टैक्स फाइल करते वक्त यह बताएं कि क्रिप्टो से होने वाली कमाई बिजनेस है या किसी एसेट क्लास बिजनेस में आती है. सबसे आसान तरीका है कि उसे ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्स’ में बता दें. इस कैटगरी में जो टैक्स बनता है उसे चुका दें और निश्चिंत रहें.

ये भी पढ़ें: पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: हर महीने 1000 रुपये से भी कम के निवेश पर पाएं 4.24 लाख रुपये, जानिए सबकुछ

[ad_2]

Vertika
http://views24hours.com
Vertika is the lead writer on views24hours.com. With experience from top news agencies, she knows all about writing and explaining the stuff to readers. Keep reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *