Thursday, October 14, 2021
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भाई के नाम से बुक टिकट पर रेल यात्रा कर सकते हैं या नहीं, जानिए विस्तार से | How to travel on train ticket in name of brother how to change name on railway ticket

Railway Train

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आपके पास काउंटर टिकट हो या ई-टिकट, दोनों ही परिस्थितियों में अपने नजदीकी रिजर्वेशन काउंटर पर चीफ रिजर्वेशन अफसर से मिलना होगा. इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी ले जाने होंगे. वही अधिकारी नाम बदलकर आपका नाम दर्ज करेगा.

भाई के टिकट पर आप आराम से यात्रा कर सकते हैं, बशर्ते कि नियम की जानकारी हो.

ये सवाल हर उस व्यक्ति के मन में होता है जो रेल की यात्रा करते हैं. कई बार ऐसा होता है कि परिवार में किसी और व्यक्ति के नाम से टिकट बुक होती है, लेकिन किसी कारणवश उसकी यात्रा नही होती. घर का कोई और आदमी उस टिकट पर यात्रा करना चाहता है, लेकिन कर नहीं पाता क्योंकि टिकट उसके नाम से नहीं होती. ऐसी स्थिति में वह क्या कर सकता है और इसका क्या नियम है.

नियम की बात करें तो भाई के टिकट पर आप आराम से यात्रा कर सकते हैं, बशर्ते कि आपको रेलवे के कायदे-कानून की पूरी जानकारी होनी चाहिए. रेववे भी इस तरह की यात्रा की इजाजत देता है. अब सवाल है कि काउंटर टिकट या ई-टिकट, दोनों में से किसमें कोई व्यक्ति अपने भाई की टिकट पर यात्रा कर सकता है? रेलवे के मुताबिक, दोनों तरह की टिकट पर यात्रा की जा सकती है. इसके लिए काउंटर या ई-टिकट जैसी कोई बाध्यता नहीं है. हालांकि रेलवे ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं जिसका पालन करते हुए भाई की टिकट पर रेल यात्रा कर सकते हैं.

कौन बदलवा सकता है नाम

इसके लिए यात्री को पहले टिकट पर नाम बदलवाना होगा. यानी कि जिस व्यक्ति को रेल यात्रा करनी है, उसका नाम दर्ज कराना होगा. यह काम परिवार का ही कोई व्यक्ति करा सकता है. नाम बदलवाने का अधिकार या अपना नाम दर्ज कराने का अधिकार परिवार के ही व्यक्ति को मिलेगा. जिस व्यक्ति का खून का रिश्ता हो, वही नाम बदलवा सकता है. जैसे कि माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या बच्चों के नाम से टिकट है तो उसे बदलवाकर अपने नाम से करा सकते हैं. नाम बदलवाएं और अपना नाम लिखाकर उस टिकट पर यात्रा कर सकते हैं. आपको स्त्री-पुरुष का ध्यान रखना होगा. अगर स्त्री के नाम से टिकट है, तो कोई परिवार की स्त्री ही नाम बदलवाकर यात्रा कर सकेगी. पुरुषों के मामले में भी यही बात है.

यात्रा के लिए क्या करना होगा

मान लीजिए कि बहन की शादी हो गई है तो वह अपने घर की किसी महिला के नाम से टिकट पर यात्रा नहीं कर सकती. यह नियम सिर्फ परिवार के अंदर के लिए है. अगर बहन की शादी नहीं हुई है और उसकी दूसरी बहन के नाम से टिकट है, तो वह नाम बदलकर यात्रा कर सकती है. अब ऐसा नहीं है कि भाई के टिकट पर यात्रा करनी है तो उसके लिए टीटीई से बोलने से काम हो जाएगा. आपके पास काउंटर टिकट हो या ई-टिकट, दोनों ही परिस्थितियों में अपने नजदीकी रिजर्वेशन काउंटर पर चीफ रिजर्वेशन अफसर से मिलना होगा. इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी ले जाने होंगे. ये अफसर ही आपके नाम से एक टिकट जारी करेंगे. इस टिकट की मदद से आप ट्रेन में आराम से यात्रा कर सकेंगे.

टिकट बेकार न जाए

यह नियम बहुत कम लोगों को पता है. इस वजह से चाहते हुए भी घर का कोई सदस्य परिवार के किसी सदस्य के नाम टिकट पर यात्रा नहीं कर पाता. इस नियम की जानकारी हो तो टिकट बेकार नहीं जाएगा और यात्रा के इच्छुक लोग टिकट का इस्तेमाल कर सकेंगे. यह नियम आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि टिकट कैंसिल कराने पर मोटा पैसा कट जाता है. समयाभाव हो तो कई लोग टिकट कैंसिल भी नहीं करा पाते. इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि यात्रा की तारीख से 24 घंटे पहले टिकट पर नाम बदलवाएं और आराम से यात्रा का आनंद उठाएं.

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Vertika
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