Home news आम आदमी के हित में मोदी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले, जानिए आप पर क्या होगा इसका असर | Agriculture and farmers to health in covid times modi cabinet big decision to help common people during pandemic

आम आदमी के हित में मोदी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले, जानिए आप पर क्या होगा इसका असर | Agriculture and farmers to health in covid times modi cabinet big decision to help common people during pandemic

by Vertika


मोदी कैबिनेट की बैठक में आम आदमी के हित में कई अहम फैसले लिए. कोरोना से जूझ रहे देश के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई तो वहीं किसान और मंडियों का भी विशेष खयाल रखा गया है. सरकार का विशेष जोर कृषि क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद गुरुवार को मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई. इस दौरान आम आदमी के हित में मोदी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. कोरोना से जूझ रहे देश के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई तो वहीं किसान और मंडियों का भी विशेष खयाल रखा गया है. सरकार का विशेष जोर कृषि क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है.

मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 23,123 करोड़ रुपए के इमरजेंसी पैकेज की घोषणा की है. इसका इस्तेमाल केंद्र और राज्य संयुक्त रूप से करेंगे. उन्होंने कहा कि कोविड रिलीफ फंड के तहत 736 जिलों में पेडियाट्रिक केयर सेंटर भी बनाए जाएंगे.

9 महीने में किया जाएगा फंड का इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि देश में 4 लाख 70 हजार ऑक्सीजन वाले बेड तैयार हैं. उन्होंने कहा कि देश भर में 4,000 से ज्यादा कोविड हेल्थ केयर सेंटर हैं. साथ ही देश में 20,000 और आईसीयू बेड बनाए जाएंगे. मंडाविया ने कहा, ‘हमें कोविड के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ना है. इस फंड का इस्तेमाल 9 महीनों में किया जाएगा. हमारा कर्तव्य है कि राज्यों को हरसंभव तरीके से मदद कर सकें.’

मंडी समितियां ले सकेंगी कृषि बुनियादी ढांचा कोष से वित्तीय सुविधा

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी) अब बाजार क्षमता के विस्तार और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिये एक लाख करोड़ रुपये के कृषि बुनियादी ढांचा कोष से वित्तीय सुविधाएं लेने के लिये पात्र होंगी.

तोमर ने यह भी कहा कि इस निर्णय से एपीएमसी और मजबूत होंगी. साथ ही इससे विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के मन से यह आशंका दूर होगी कि तीन नये कृषि कानूनों के क्रियान्वयन के साथ इन मंडियों को समाप्त कर दिया जाएगा.

मंत्रिमंडल के निर्णय के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए तोमर ने कहा, ‘इस साल के बजट के दौरान हमने कहा था कि एपीएमसी व्यवस्था खत्म नहीं होगी बल्कि उसे और मजबूत बनाया जाएगा. उसे ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने आज (बृहस्पतिवार) एपीएमसी को कृषि बुनियादी ढांचा कोष (एआईएफ) के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्त पोषण सुविधा के उपयोग को मंजूरी दे दी.’

नारियल विकास बोर्ड अधिनियम में संशोधन को मंजूरी

सरकार ने नारियल विकास बोर्ड अधिनियम, 1979 में संशोधन करने का फैसला किया. इसके तहत क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाना देने की सरकार की कोशिशों के अंतर्गत बोर्ड के अध्यक्ष के पद को गैर कार्यकारी बनाना है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने नारियल विकास बोर्ड के अध्यक्ष के पद को गैर कार्यकारी पद बनाने से जुड़े कृषि, सहकारी एवं किसान कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इससे व्यापक रूप से नारियल के उत्पादकों को लाभ होगा.’

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अध्यक्ष का पद गैर कार्यकारी होगा और कार्यकारी शक्तियों के लिए एक सीईओ होगा. कृषि मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में काम का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को बोर्ड का गैर कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई बदलाव किए जाएंगे. केंद्र सरकार चार राज्यों से चार सदस्यों को नामित करने के मौजूदा चलन से इतर बोर्ड में छह सदस्यों को नामित करेगी. तोमर ने कहा कि आंध्र प्रदेश और गुजरात से दो सदस्यों को बोर्ड में नियुक्त किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि बोर्ड देश के बाहर भी गतिविधियों में शामिल हो सकता है.

सीसीआई और जापान ट्रड कमीशन के बीच ज्ञापन को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रतिस्पर्धा कानून और नीति के मामले में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने एवं इसे मजबूती प्रदान करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और जापान फेयर ट्रेडकमीशन (जेएफटीसी) के बीच सहयोग ज्ञापन (एमओसी) को मंजूरी दे दी है.

उपर्युक्‍त स्‍वीकृत एमओसी आवश्‍यक सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिए सीसीआई को जापान की अपनी समकक्ष प्रतिस्पर्धा एजेंसी के अनुभवों एवं सबक से सीखने और अनुकरण करने में सक्षम करेगा जिससे उसकी दक्षता बढ़ेगी. यही नहीं, इससे सीसीआई को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 पर बेहतर ढंग से अमल करने में मदद मिलेगी. इसके परिणामस्‍वरूप उपभोक्ता बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे और इसके साथ ही समानता एवं समावेश को बढ़ावा मिलेगा.

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