Home news PPF vs SSY: इन दोनों विकल्‍प में से कहां निवेश करने पर मिलेगा सबसे ज्‍यादा फायदा? जान लीजिए इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात | PPF vs SSY investment option where can you get highest return and which is beneficial

PPF vs SSY: इन दोनों विकल्‍प में से कहां निवेश करने पर मिलेगा सबसे ज्‍यादा फायदा? जान लीजिए इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात | PPF vs SSY investment option where can you get highest return and which is beneficial

by Vertika


लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश करने के लिए सुकन्‍या समृद्धि योजना और पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश किया जाता है. इन दोनों विकल्‍पों में कम से कम 15 साल के लिए निवेश किया जा सकता है. सुकन्‍या समृद्धि योजना पर फिलहाल 7.6 फीसदी और पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता है.

सुकन्‍या समृद्धि योजना और पीपीएफ – दोनों ही छोटी बचत योजनाएं हैं.

आज के सयम में बेटी की भविष्‍य के लिए सबसे बेहतर निवेश विकल्‍प सुकन्‍या समृद्धि योजना (SSY) माना जाता है. इस स्‍कीम में आप 15 साल तक पैसे निवेश कर सकते हैं और बेटी जब 21 साल के उम्र तक पहुंचेगी, तब तक आपको अच्‍छा रिटर्न मिल चुका होगा. वहीं, बहुत लोग पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को निवेश का बेहतर विकल्‍प मानते हैं. SSY पर 7.6 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता है तो वहीं PPF पर 7.1 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता है. पीपीएफ की मैच्‍योरिटी भी 15 सालों के लिए ही होती है. ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है कि कौन सा विकल्‍प उनके लिए बेहतर साबित हो सकता है. कहां निवेश कर पर उन्‍हें बेहतर ब्‍याज दर के साथ अन्‍य फायदे मिलेंगे. आज हम इसी बारे में बता रहे हैं.

1. निवेश की रकम: सुकन्‍या समृद्धि योजना में आप 250 रुपये से भी निवेश शुरू कर सकते हैं, लेकिन पीपीएफ में प्रत्‍येक वित्‍त वर्ष कम से कम 500 रुपये निवेश करना अनिवार्य है. दोनों ही विकल्‍प में आप एक वित्‍त वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक ही निवेश कर कसते हैं.

2. योग्‍यता: सुकन्‍या समृद्धि योजना में निवेश के लिए बेटी के हवाले से माता-पिता या कोई भी कानूनी अभ‍िभावक अकाउंट खोलकर निवेश कर सकता है. इसकी शर्त है कि बेटी की उम्र 10 साल या इससे ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए. PPF में माता-पिता के साथ नाबाल‍िग के लिए भी ज्‍वॉइंट रूप से अकाउंट खोला जा सकता है. 18 साल की उम्र के बाद नाबालिग खुद ही इस अकाउंट की देखरेख कर सकते हैं.

3. अवधि: सुकन्‍या समृद्धि योजना की मैच्‍योरिटी बच्‍ची की उम्र 21 साल तक पहुंचने पर पूरी होती है. लेकिन 18 साल की उम्र के बाद से ही लाभार्थी 50 फीसदी रकम निकाल सकते हैं. इस स्‍कीम में 15 साल तक के लिए निवेश किया जा सकता है. PPF का न्‍यूनतम लॉक-इन पीरियड 15 साल के लिए होता है. उसके बाद 5-5 साल के लिए इसे बढ़ाया जा सकता है.

4. ब्‍याज दर: SSY और PPF दोनों ही डेब्‍ट इंस्‍ट्रूमेंट हैं. इन दोनों विकल्‍प पर तुलनात्‍मक रूप से कम ब्‍याज मिलता है लेकिन यह सुरक्षित और सिक्‍योर र‍िटर्न है. SSY पर 7.6 फीसदी और PPF पर 7.1 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता है. दोनों विकल्‍प में तिमाही आधार पर बयाज दरों को रिवाइज किया जाता है. इन दोनों विकल्‍प पर सालाना कम्‍पाउंड आधार पर ब्‍याज मिलता है.

5. टैक्‍स के फायदे: पीपीएफ पर EEE टैक्‍स स्‍टेटस के तहत टैक्‍स छूट मिलता है. इसका मतलब है कि आपको मूल रकम, ब्‍याज और मैच्‍योरिटी पर निकाले जाने वाले रकम पर टैक्‍स छूट मिलता है. जबकि, सुकन्‍या समृद्धि योजना पर इनकम टैक्‍स कानून के सेक्‍शन 80सी के तहत टैक्‍स छूट मिलता है. इस पर सालाना हिसाब से मिलने वाला ब्‍याज दर पर टैक्‍स फ्री होता है. मैचेयोरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी कोई टैक्‍स नहीं देना होता है.

6. प्रीमैच्‍योर क्‍लोजर: अगर SSY अकाउंट होल्‍डर की मृत्‍यु हो जाती है तो इस अकाउंट को बंद किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए डेथ सर्टिफिकेट सबमिट करना अनिवार्य होता है. इस अकाउंट को खोलने की तारीख से 5 साल के बाद भी बंद किया जा सकता है. लेकिन यह किसी विशेष परिस्थिति में बंद होता है. जैसे कोई गंभीर बीमारी, उच्‍चा शिक्षा के लिए पढ़ार्इ आदि. पीपीएफ में निवेश शुरू करने के पूरे 5 वित्‍त वर्ष पूरा होने के बाद ही इसे प्रीमैच्‍योर तरीके से बंद किया जा सकता है. लेकिन, इसपर भी आपको 1 फीसदी की दर से ब्‍याज पेनाल्‍टी देनी होगी.

7. अकाउंट्स की संख्‍या: SSY और PPF में केवल एक ही अकाउंट खोला जा सकता है. दोनों ही विकल्‍प में एक से ज्‍यादा खोलने की अनुमति नहीं है. अगर किसी व्‍यक्ति ने एक से ज्‍यादा पीपीएफ अकाउंट खोला है तो इसे बंद करा लेना चाहिए.

8. लोन की सुविधा: सुकन्‍या समृद्धि योजना पर लोन की कोई भी सुविधा नहीं उपलब्‍ध कराई गई है. लेकिन पीपीएफ अकाउंट से कुल फंड के 90 फीसदी हिस्‍से तक लोन लिया जा सकता है. इसके लिए शर्त है कि पीपीएफ स्‍कीम में आपको कम से कम 5 वित्‍त वर्ष तक न्‍यूतनम रकम का निवेश करना चाहिए. पीपीएफ और SSY को आप कॉमर्शियल बैंक या पोस्‍ट ऑफिस से ऑपरेट कर सकते हैं.

9. पेनाल्‍टी: अगर किसी अकाउंट में हर साल न्‍यूनतम रकम डिपॉजिट नहीं किया जाता है तो 50 रुपये का फाइन देना होता है. अगर 15 साल के भीतर डिफॉल्‍ट अकाउंट को एक्टिवेट नहीं किया जाता है तो पहले से जमा रकम पर स्‍टैंडर्ड सेविंग्‍स अकाउंट के हिसाब से ब्‍याज मिलेगा. दूसरी ओर पीपीएफ में न्‍यूनतम रकम डिपॉजिट नहीं करने इसे ‘इनएक्टिव’ अकाउंट मान लिया जाता है. ऐसी स्थिति में इसे ठीक एक्टिव करने के लिए आपको बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में लिखित एप्‍लीकेशन जमा करना होता है. इसके लिए भी 50 रुपये की न्‍यूनतम डिपॉजिट जमा करना होता है.

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