Home news इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग स्टेशन से जुड़े जरूरी नियम जारी, जानिए इससे जुड़ी हर बात | Can I open EV charging station Is EV charging free in India How many EV charging stations are in India NITI Aayog launches guide for setting up EV charging points

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग स्टेशन से जुड़े जरूरी नियम जारी, जानिए इससे जुड़ी हर बात | Can I open EV charging station Is EV charging free in India How many EV charging stations are in India NITI Aayog launches guide for setting up EV charging points

by Vertika

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विद्युत मंत्रालय ने राजमार्ग पर प्रत्येक 25 किमी पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन रखने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है. आइए जानें इसके बारे में सबकुछ…

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नीति आयोग ने राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में नीतियां और मानदंड तय करने के लिए नई हैंडबुक जारी की है. इसका उद्देश्य चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना और देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में तेजी से बदलाव की सुविधा देना है. इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने के लिए इस हैंडबुक को संयुक्त रूप से नीति आयोग, विद्युत मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग ऊर्जा दक्षता ब्यूरो और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट इंडिया द्वारा बनाया गया है.

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राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को काफी मदद मिलेगी जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा के लिए बैटरी से चलने वाली कारों के उपयोग की सीमाओं के बारे में चिंता जताते रहते हैं. वहीं वर्तमान में इलेक्ट्रिक व्हीकल मालिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजमार्गों के किनारे बहुत कम ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं. नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल कल्चर को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भारत जल्द ही दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब होगा. भारत का लक्ष्य है कि इस दशक के अंत तक सभी कमर्शियल कारों में 70 प्रतिशत, निजी कारों में 30 प्रतिशत, बसों में 40 प्रतिशत और दोपहिया और तिपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत इलेक्टिक व्हीकल हो जाएं.

राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को काफी मदद मिलेगी जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा के लिए बैटरी से चलने वाली कारों के उपयोग की सीमाओं के बारे में चिंता जताते रहते हैं. वहीं वर्तमान में इलेक्ट्रिक व्हीकल मालिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजमार्गों के किनारे बहुत कम ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं. नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल कल्चर को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भारत जल्द ही दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब होगा. भारत का लक्ष्य है कि इस दशक के अंत तक सभी कमर्शियल कारों में 70 प्रतिशत, निजी कारों में 30 प्रतिशत, बसों में 40 प्रतिशत और दोपहिया और तिपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत इलेक्टिक व्हीकल हो जाएं.

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यह हैंडबुक उन संबंधित अधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए एक व्यवस्थित और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, प्राधिकरण से जुड़े हुए हैं.यह ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए आवश्यक टक्नोलॉजी और रेग्युलेटर ढांचे के बारे में जानकारी देती है. विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ईवी चार्जिंग एक नई प्रकार की बिजली मांग है. यह डिस्कॉम चार्जिंग सुविधाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कनेक्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्युत वितरण नेटवर्क में इस मांग को पूरा करने के लिए अपेक्षित क्षमता हो.

यह हैंडबुक उन संबंधित अधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए एक व्यवस्थित और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, प्राधिकरण से जुड़े हुए हैं.यह ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए आवश्यक टक्नोलॉजी और रेग्युलेटर ढांचे के बारे में जानकारी देती है. विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ईवी चार्जिंग एक नई प्रकार की बिजली मांग है. यह डिस्कॉम चार्जिंग सुविधाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कनेक्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्युत वितरण नेटवर्क में इस मांग को पूरा करने के लिए अपेक्षित क्षमता हो.

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यह हैंडबुक उन संबंधित अधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए एक व्यवस्थित और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, प्राधिकरण से जुड़े हुए हैं.यह ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए आवश्यक टक्नोलॉजी और रेग्युलेटर ढांचे के बारे में जानकारी देती है. विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ईवी चार्जिंग एक नई प्रकार की बिजली मांग है. यह डिस्कॉम चार्जिंग सुविधाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कनेक्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्युत वितरण नेटवर्क में इस मांग को पूरा करने के लिए अपेक्षित क्षमता हो.

यह हैंडबुक उन संबंधित अधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए एक व्यवस्थित और समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, प्राधिकरण से जुड़े हुए हैं.यह ईवी चार्जिंग की सुविधा के लिए आवश्यक टक्नोलॉजी और रेग्युलेटर ढांचे के बारे में जानकारी देती है. विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ईवी चार्जिंग एक नई प्रकार की बिजली मांग है. यह डिस्कॉम चार्जिंग सुविधाओं के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति कनेक्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि विद्युत वितरण नेटवर्क में इस मांग को पूरा करने के लिए अपेक्षित क्षमता हो.

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विद्युत मंत्रालय और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए इसकी केंद्रीय नोडल एजेंसी यानी ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए डिस्कॉम और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसके लिए यह हैंडबुक बहुत मददगार होगी. देश में ऊर्जा मिश्रण में अक्षय ऊर्जा की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी के साथ, आने वाले वर्षों में ई-मोबिलिटी की ओर परिवर्तन से होने वाले लाभ और अधिक महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है.जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों के विपरीत, इलेक्ट्रिक वाहनों को किसी भी स्थान पर चार्ज किया जा सकता है, बशर्ते चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हों. इसके लिए ईवी चार्जिंग नेटवर्क की योजना बनाने की आवश्यकता होती है- एक जो उन्हें जब भी पार्क किया जाता है, रात में या दिन के दौरान चार्ज करने की अनुमति देता है.

विद्युत मंत्रालय और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए इसकी केंद्रीय नोडल एजेंसी यानी ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए डिस्कॉम और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसके लिए यह हैंडबुक बहुत मददगार होगी. देश में ऊर्जा मिश्रण में अक्षय ऊर्जा की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी के साथ, आने वाले वर्षों में ई-मोबिलिटी की ओर परिवर्तन से होने वाले लाभ और अधिक महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है.जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों के विपरीत, इलेक्ट्रिक वाहनों को किसी भी स्थान पर चार्ज किया जा सकता है, बशर्ते चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हों. इसके लिए ईवी चार्जिंग नेटवर्क की योजना बनाने की आवश्यकता होती है- एक जो उन्हें जब भी पार्क किया जाता है, रात में या दिन के दौरान चार्ज करने की अनुमति देता है.

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इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ जाने के लिए सार्वजनिक या निजी चार्जिंग स्थलों का एक मजबूत और व्यापक नेटवर्क होना महत्वपूर्ण है. विद्युत मंत्रालय ने प्रत्येक 3X3 ग्रिड के लिए या राजमार्ग पर प्रत्येक 25 किमी पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन रखने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है, अन्य छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करना और योजनाएँ बनाना शहरी स्थानीय निकायों या राज्य नोडल एजेंसियों पर निर्भर है. हैंडबुक मुख्य रूप से नगर निगमों और डिस्कॉम जैसे प्राधिकरणों को लागू करने के लिए है, लेकिन नियामक उपायों पर भी प्रकाश डाला गया है जो चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बना सकते हैं.

इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ जाने के लिए सार्वजनिक या निजी चार्जिंग स्थलों का एक मजबूत और व्यापक नेटवर्क होना महत्वपूर्ण है. विद्युत मंत्रालय ने प्रत्येक 3X3 ग्रिड के लिए या राजमार्ग पर प्रत्येक 25 किमी पर कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन रखने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है, अन्य छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करना और योजनाएँ बनाना शहरी स्थानीय निकायों या राज्य नोडल एजेंसियों पर निर्भर है. हैंडबुक मुख्य रूप से नगर निगमों और डिस्कॉम जैसे प्राधिकरणों को लागू करने के लिए है, लेकिन नियामक उपायों पर भी प्रकाश डाला गया है जो चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की प्रक्रिया को और आसान बना सकते हैं.

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