Friday, September 24, 2021
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NPS में FD से डेढ़ गुना अधिक पा सकते हैं रिटर्न, इस खास तरीके से करना होगा निवेश | NPS can give higher returns than PPF or FD you have to invest in equity corporate bond or alternative asset

NPS में FD से डेढ़ गुना अधिक पा सकते हैं

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एनपीएस में एफडी और पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं लेकिन इसमें बाजार का जोखिम मायने रखता है. एनपीएस पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर देखा जाता है. यह बात पीपीएफ या एफडी के साथ नहीं है.

एनपीएस में एफडी से ज्यादा रिटर्न (सांकेतिक तस्वीर)

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को सबसे सुरक्षित निवेश में गिना जाता है. लोग पेंशन फंड के तौर पर रिटर्न पाने के लिए एनपीएस में निवेश करते हैं. इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि निवेश पर कितना रिटर्न मिलेगा, यह पूरी तरह से उस फंड पर आधारित होता है जिसमें NPS का पैसा लगाया जाता है. लगभग 8 पेंशन फंड हैं जिसमें निवेश करने का चुनाव एनपीएस प्लान लेने वाला व्यक्ति तय कर सकता है. इसी तरह एनपीएस में 4 एसेट क्लास शामिल होते हैं जिसमें फंड का पैसा जमा करने का फैसला निवेश करने वाला व्यक्ति कर सकता है. 4 एसेट क्लास में इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉन्ड और अल्टरनेट एसेट के नाम हैं.

पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो इन अलग-अलग एसेट क्लास ने निवेशकों को अच्छा-खासा रिटर्न दिया है. यह रिटर्न फिक्स्ड डिपॉजिट से भी ज्यादा देखा गया है. ज्यादा रिटर्न तब मिला है जब निवेश का समय ज्यादा रखा गया है. यानी जितना ज्यादा साल निवेश को बनाए रखेंगे, उस पर ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. जुलाई 2019 में इक्विटी में 1 साल के निवेश पर एनपीएस में 3.6 परसेंट रिटर्न मिला जबकि यह 3 साल के लिए 9.5 परसेंट, 5 साल के लिए 8.74 परसेंट और जब से एनपीएस शुरू हुआ है तब से 10.67 परसेंट का रिटर्न मिला है.

किसमें कितना रिटर्न

1 साल के कॉरपोरेट बॉन्ड में एवरेज एनपीएस रिटर्न 13.59 परसेंट रहा है. 3 साल में 9 परसेंट, 5 साल में 10.34 परसेंट और स्कीम शुरू होने से लेकर 2019 तक 10.31 परसेंट का रिटर्न मिल चुका है. सरकारी बॉन्ड में देखें तो 1 साल के एनपीएस में 20.28 परसेंट, 3 साल में 10.29 परसेंट, 5 साल में 11.56 परसेंट और स्कीम शुरू होने से लेकर 2019 तक 10.15 परसेंट का रिटर्न मिला है. अल्टरनेटिव एसेट में 1 साल के एनपीएस पर 9.89 परसेंट और स्कीम शुरू होने से लेकर 2019 तक 7.67 परसेंट का रिटर्न मिला है.

औसत रिटर्न की बात करें तो एनपीएस में 8 से 10 परसेंट का ब्याज मिलता है. इसका लॉक इन पीरियड रिटायरमेंट तक होता है. इसमें बाजार से जुड़े जोखिम देखने को मिल सकते हैं. इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम में 12 से 15 परसेंट तक रिटर्न ले सकते हैं और इसका लॉक इन पीरियड 3 साल का होता है. इसमें भी बाजार से जुड़े रिस्क या जोखिम देखने को मिल सकते हैं.

पीपीएफ में औसतन 8.1 परसेंट का रिटर्न है जो कि गारंटीड है. इसका लॉक इन पीरियड 15 साल का है और इसमें बाजार से जुड़े कोई रिस्क नहीं होते. यानी यह पूरी तरह से रिस्क फ्री होता है और निवेशक को गारंटीड रिटर्न मिलता है. चौथे नंबर पर है फिक्स्ड डिपॉजिट जिसमें 7 से 9 परसेंट तक गारंटीड रिटर्न मिलता है. इसका लॉक इन पीरियड 5 साल का है और इसमें निवेश भी पूरी तरह से रिस्क फ्री होता है.

एनपीएस की तुलना पीपीएफ से

नेशनल पेंशन स्कीम NPS पीपीएफ और एफडी की तुलना में ज्यादा रिटर्न दे सकता है लेकिन अंत में या मैच्योरिटी के वक्त इसकी क्षमता देखें तो यह पीपीए या एफडी से थोड़ा पीछे रह सकता है. यहां क्षमता का अर्थ रिटायरमेंट से जुड़ी सुविधाओं को लेकर बात कही जा रही है. रिटायरमेंट के वक्त एक साथ पैसे निकालने की नौबत आए तो एनपीएस यह सुविधा नहीं देता क्योंकि उसका 60 परसेंट हिस्सा ही निकाल सकते हैं. पीपीएफ और एफडी के साथ ऐसी बात नहीं है. इन दोनों स्कीम का पैसा निवेशक एक साथ निकाल सकता है.

एनपीएस में निवेश करने की सलाह उन लोगों को दी जाती है जो बाजार के रिस्क से बेपरवाह होते हैं. जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे एनपीएस का सहारा ले सकते हैं. अगर आप एनपीएस के जरिये इक्विटी में पैसा लगाकर कमाई करना चाहते हैं तो कई म्यूचुअल फंड हैं जिनमें निवेश किया जा सकता है. एनपीएस में पैसा लगाने से पहले अन्य स्कीम से तुलना कर लें, बाजार का रिस्क देख लें और तब निवेश करें.

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Vertika
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