Friday, September 24, 2021
Home > news > बदलने वाला है आपके घर का बिजली मीटर! अब एडवांस में करना होगा पेमेंट, जानिए इससे जुड़ी सभी काम की बातें | Prepaid smart electric meters able to cut your expenses know all about it
news

बदलने वाला है आपके घर का बिजली मीटर! अब एडवांस में करना होगा पेमेंट, जानिए इससे जुड़ी सभी काम की बातें | Prepaid smart electric meters able to cut your expenses know all about it

वाला है आपके घर का बिजली मीटर अब एडवांस

[ad_1]

दिल्‍ली जैसे इलाकों में रहने वाले ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों से मीटर का टॉपअप रिचार्ज करा सकते हैं, बिल्‍कुल उसी तरह से जिस तरह से कोई मोबाइल चार्ज होता है.

इससे बिजली की चोरी भी रोकी जा सकेगी.

पिछले दिनों केंद्र सरकार की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी कर भारत के शहरों में 100 फीसदी तक प्रीपेड स्‍मार्ट इलेक्ट्रिक मीटर इंस्‍टॉल करने के लिए कहा गया है. ,ऐसे शहर जहां पर साल 2019-2020 में AT&C (Aggregate Technical and Commercial) नुकसान 15 फीसदी से ज्‍यादा का रहा है, वहां प्रीपेड स्‍मार्ट मीटर इंस्‍टॉल करने की समय-सीमा दिसंबर 2023 तक तय की गई है. मार्च 2025 तक सभी इलाकों में प्री-पेड मीटर लगा दिए जाएंगे. पहले लक्ष्‍य उन इलाकों के लिए तय किया गया है जहां पर हायर ट्रांसमिशन का घाटा ज्‍यादा है.

मोबाइल की तरह रिचार्ज

प्रीपेड स्‍मार्ट इलेक्ट्रिक मीटर में जब बिजली का प्रयोग प्री-पेड रकम से ज्‍यादा हो जाता है तो इलेक्ट्रिसिटी सप्‍लाई अपने आप कट हो जाती है. ये बिल्‍कुल वैसे ही काम करता है जैसे कोई प्रीपेड मोबाइल नंबर. जिस तरह से आपके फोन में बैलेंस कम होने पर अलर्ट भेजा जाता है, उसी तरह से इसमें भी आपको एक अलर्ट भेजा जाएगा. इस अलर्ट के बाद आपको अपना मीटर रिचार्ज कराने की जरूरत होगी. ये रिचार्ज या तो ऑटोमैटिक होगा या फिर मैन्‍युली.

दिल्‍ली जैसे इलाकों में रहने वाले ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों से मीटर का टॉपअप रिचार्ज करा सकते हैं, बिल्‍कुल उसी तरह से जिस तरह से कोई मोबाइल चार्ज होता है. दिल्‍ली में व्यवसायिक संगठन पहले से ही इलेक्ट्रिक स्‍मार्ट मीटर का प्रयोग कर रहे हैं.

पिछले करीब दो सालों से दिल्‍ली में रहने वाले किराएदार प्री-पेड मीटर का चयन करने के लिए आजाद हैं जिसे ऑनलाइन चार्ज कराया जाता है. इस नियम की वजह से किरायदार और मकान‍ मालिक के बीच बिजली के बिल की वजह से होने वाला विवाद टालने में मदद मिलती है.

प्रीपेड मीटर की सबसे बड़ी चुनौती

प्री-पेड स्‍मार्ट मीटर में जो सबसे बड़ी दिक्‍कत है, वो है इसकी कीमत. इस तरह के मीटर बाकी मीटर की तुलना में 4 से 5 गुना तक महंगे होते हैं. दिल्‍ली सरकार की योजना के तहत हर माह ग्राहकों को 200 यूनिट बिजली का प्रयोग पूरी तरह से फ्री कर दिया गया है. छोटे ग्राहकों को महंगे मीटर इंस्‍टॉल करवाने में दिक्‍कतें आ सकती है. लेकिन एक बार अगर यह स्‍कीम लागू हो जाती है तो फिर ग्राहकों के पास मौका होगा कि वो जीनस, एलएंडटी और L&G के साथ दूसरी कंपनियों के बने हुए मीटर खरीद सकेंगे.

अगर बड़े स्‍तर पर नए मीटर लगने शुरू होंगे तो हो सकता है कि पुरानी कंपनियां भी प्रीपेड मीटर तैयार करने लगें. केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से जो आंकड़ें दिए गए हैं उनके मुताबिक 67.7 फीसदी का नुकसान जम्‍मू कश्‍मीर में, 40.45 फीसदी का नुकसान छत्‍तीसगढ़ में, 26.31 फीसदी का नुकसान मध्‍य प्रदेश में, 24.89 फीसदी नुकसान उत्‍तर प्रदेश में, 20.76 फीसदी महाराष्‍ट्र, 20.47 फीसदी राजस्‍थान में, 19.39 फीसदी आंध्र प्रदेश में और 18.99 फीसदी नुकसान पंजाब में दर्ज किया गया है. सरकार के आदेश का मतलब है कि इन तमाम जगहों पर दिसंबर 2023 तक प्रीपेड स्‍मार्ट मीटर इंस्‍टॉल हो जाने चाहिए.

क्‍या है सरकार की योजना

सौभाग्‍य योजना के तहत पूरे देश को बिजली का कनेक्‍शन मुहैया कराने की तैयारी कर ली गई है. सरकार की तरफ से 21 मार्च 2021 को संसद में इस बारे में जानकारी दे दी गई है. सरकार ने कहा था कि सभी राज्‍यों ने 100 फीसदी तक का विद्युतीकरण करने के बारे में बताया है. बडे़ शहरों में पहले ही पावर ट्रांसमिशन नुकसान को 15 फीसदी तक कर लिया गया है और वो तुरंत स्‍मार्ट मीटर की तरफ नहीं जाएंगे.

कैसे रुकेगी बिजली चोरी

दिल्‍ली में बिजली की मांग में 250 फीसदी का इजाफा हुआ है. अगर पूरे देश की बात करें तो AT&C नुकसान 7.5 फीसदी तक आ गया है जबकि साल 2002 में ये आंकड़ा 55 फीसदी तक था. विशेषज्ञों की मानें तो टेलीकॉम सेक्‍टर में प्रीपेड स्‍कीम को मिली योजना ने पावर सेक्‍टर को प्रेरणा दी है. जो सिद्धांत टेलीकॉम सेक्‍टर में अपनाया गया था, अब वही इस सेक्‍टर में भी लागू किया जा रहा है. इससे बिजली की चोरी भी रोकी जा सकेगी और इसे जीरो पर लाने में भी सफलता मिलेगी.

यह भी पढ़ें-अगर GST के दायरे में आया ईंधन तो सस्ता हो सकता है हवाई सफर, राज्य सरकारों के इस कदम से भी घट सकता है किराया

[ad_2]

Vertika
http://views24hours.com
Vertika is the lead writer on views24hours.com. With experience from top news agencies, she knows all about writing and explaining the stuff to readers. Keep reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *